मंगलवार, 2 मार्च 2021

sachi bate status in hindi सच्ची बातें

sachi bate status in hindi सच्ची बातें

[1]
sachi bate status in hindi
बुलंदियों को पाने की ख्वाहिश तो बहुत थी,
लेकिन दुसरो को रौदने का हुनर कहा से लाता।

[2]
हर रोज इतना मुस्कुराया करो की,
गम भी कहे यार मै गलती से आ गया क्या।

[3]
कुछ जख्म सदियों बाद भी ताजा रहते है,
वक्त के पास हर मर्ज की दवा नहीं होती।

[4]
कोशिश तो सब करते है लेकिन सब को हासिल ताज नहीं होता,
शोहरत तो कोई भी कमा ले लेकीन राजपूत वाला अंदाज नहीं होता।

[5]
रूह के रिश्ते की ये गहराइया तो देखिये,
चोट लगती है हमें और चिल्लाती है माँ,
चाहे हम खुशियों में माँ को भूल जाए दोस्तों,
जब मुसीबत सर पे आ जाए तो याद आती है माँ।

[6]
sachi bate status

कर्मो से ही पहचान होती है इंसानों की,
अच्छे कपडे तो बेजान पुतले को भी पहनाये जाते है।

[7]
जिंदगी में बार बार सहारा नहीं मिलता, 
बार बार आसानी से प्यार नहीं मिलता, 
जो पास है उसे संभाल कर रखो, 
खोने के बाद वह दुबारा नहीं मिलता।

[8]
जिस दिन तुम किसी दूसरे की बहेन की इज्जत के लिए लड़ोगे,
 बस उसी दिन तुम्हारी बहेन अपने आप सुरक्षित हो जाएगी।

[9]
अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।

[10]
जिंदगी जीने के लिए बनी थी,
मैंने इन्तजार में गुजार दी।

[11]
जब किसी को खोने की नोबत आती है,
तभी पाने की कीमत समझ आती है।

[12]
मेरा क्या हॉल है तेरे बिना कभी देख तो ले,
मै जी रहा हु तेरा भूला हुआ वादा बनकर।

[13]
जिंदगी नहीं रूकती किसी के चले जाने से,
लेकिन कुछ हद तक जीने का अंदाज बदल जाता है।

[14]
आज रोटी के पीछे भागता हु तो याद आता है,
मुझे रोटी खिलाने के लिए कभी माँ मेरे पीछे भागती थी।

[15]
जहाँ में  कुछ सवाल जिंदगी ने ऐसे भी  छोड़े है,
जिनका जवाब हमारे पास शिर्फ़ ख़ामोशी है।

[16]
कभी कभी अच्छे लोगो से भी गलतियाँ हो जाती हैं,
इसका मतलब ये नहीं वो बुरे है,
बल्कि इसका मतलब ये है की वो इंसान है।

[17]
मुश्किल कोई आ जाए तो डरने से क्या होगा 
जीने की तरकीब निकालो मरने से क्या होगा।

[18]
जो बच्चा छोड़ आता है माँ के दामन का चमन 
जिंदगी उसके लिए फिर वीरान रहती है। 

[19]
हक मिलता नहीं लिया जाता है,आजादी मिलती नहीं छीनी जाती है,
नमन उस देश प्रेमियो को जो देश की आजादी की जंग के लिए जाने जाते है!

[20]
मुकद्दर की लिखावट का एक एसा भी फायदा हो,
देर से किस्मत खुलने वालों का दुगना फायदा हो। 

[21]
भूख ने निचोड़ कर रख दिया है जिन्हे साहब 
कैसी गुजारी है रात ये ना पूछो तो अच्छा है।

[22]
हर रिश्ते मे विश्वाश रहने दो जुबान पर हर वक्त मिठास रहने दो। 
यहीं तो अंदाज है जिंदगी जीने का न खुद रहो उदास और न दूसरों को रहने दो।

[23]
छोटी छोटी खुशियाँ ही जीने का सहारा बनती है,
ख्वाहिशों का क्या है वह तो हर पल बदलती रहती है।

[24]
वो कहते है की पिया ना करो लिवर बिगड़ जाएगा,
उन नादानों को ये नहीं पता की ये बिगड़ी जिंदगी बना देती है।

[25]
इंसानों की इस दुनिया मे बस यही तो एक रोना है 
जज़्बात अपने हो तो जज़्बात और दूसरों के हो तो खिलौना है।

[26]
जरूरी नहीं की जिनमे साँसे नहीं वो ही मुर्दा है 
जिनमे इंसानियत नहीं है वो भी तो मुर्दा ही है।

[27]
जिंदगी इतनी भी मुश्किल तो नहीं होती 
आदमी इससे उलझ के उसे मुसकिल बहा देता है।

[28]
जीना है तो हसकर जीना सीख लो यारो 
मिलती नहीं रोशनी अपना दिल जलाने के लिए।

[29]
जिंदगी एक आईने की तरह है 
ये तभी मुस्कुराएगी जब आप मुस्कुराओगे। 

[30]
अजीब दशता है जिंदगी की जीत जाओ तो कई अपने छूट जाते है,
और हर जाओ तो अपने ही छोड़ जाते है।

[31]
जिंदगी वैसी नहीं है जैसी आप इसके लिए कामना करते है 
यह तो वैसी बन जाती है जैसा आप इसे बनाते है।

sachi bate status in hindi सच्ची बातें
1-कुछ ऐसा मत कहो जिससे आपको क्रोध से पछतावा हो

“एक बार एक छोटा लड़का था, जिसका स्वभाव बहुत खराब था। उनके पिता ने उन्हें नाखूनों का एक बैग सौंपने का फैसला किया और कहा कि हर बार जब लड़का अपना आपा खो देता है, तो उसे बाड़ में कील ठोकनी पड़ती है।

पहले दिन, लड़के ने उस बाड़ में 37 नाखून लगाए।

लड़का धीरे-धीरे अगले कुछ हफ्तों में अपने स्वभाव को नियंत्रित करने लगा और नाखूनों की संख्या जो कि वह थी, बाड़ में धीरे-धीरे कम हो रही थी। उन्होंने पाया कि बाड़ में उन नाखूनों को हथौड़ा देने की तुलना में अपने स्वभाव को नियंत्रित करना आसान था।

अंत में, वह दिन आ गया जब लड़का अपना आपा नहीं खोएगा। उसने अपने पिता को खबर सुनाई और पिता ने सुझाव दिया कि लड़के को अब हर दिन एक कील बाहर खींचनी चाहिए जो उसने अपने स्वभाव को नियंत्रण में रखा था।

दिन बीतते गए और वह युवा लड़का आखिरकार अपने पिता को बताने में सक्षम हो गया कि सभी नाखून चले गए थे। पिता अपने बेटे को हाथ में लेकर उसे बाड़े तक ले गया।

Well आपने अच्छा किया है, मेरे बेटे, लेकिन बाड़ के छेद को देखो। बाड़ कभी भी एक जैसी नहीं होगी। जब आप गुस्से में बातें कहते हैं, तो वे इस तरह से एक निशान छोड़ देते हैं। आप एक आदमी में चाकू डाल सकते हैं और इसे बाहर निकाल सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितनी बार कहते हैं कि मुझे खेद है, घाव अभी भी है। ''

2-क्षतिग्रस्त आत्माएं अभी भी लायक हैं
"एक दुकान के मालिक ने अपने दरवाजे के ऊपर एक संकेत रखा जिसमें कहा गया था: For पिल्ले फॉर सेल।"

इस तरह के संकेत हमेशा छोटे बच्चों को आकर्षित करने का एक तरीका है, और कोई आश्चर्य की बात नहीं है, एक लड़के ने संकेत देखा और मालिक से संपर्क किया; ’आप कितने पिल्लों को बेचने जा रहे हैं?’ उन्होंने पूछा।

दुकान के मालिक ने जवाब दिया, 'कहीं भी $ 30 से $ 50 तक।'

छोटे लड़के ने अपनी जेब से कुछ बदलाव निकाला। 2. मेरे पास $ 2.37 है, 'उन्होंने कहा। Look क्या मैं उन्हें देख सकता हूँ? '

दुकान का मालिक मुस्कुराया और सीटी बजी। केनेल में से लेडी आई, जो अपनी दुकान के गलियारे से नीचे भागती थी, उसके बाद पाँच नन्हे, फर के छोटे-छोटे गोले थे।

एक पिल्ला काफी पीछे चल रहा था। तुरंत छोटे लड़के ने लंगड़ा कर, पिल्ला को लंगड़ा कर कहा और कहा, 'उस छोटे कुत्ते का क्या कसूर है?'

दुकान के मालिक ने बताया कि पशुचिकित्सक ने छोटे पिल्ले की जांच की थी और उसे पता चला था कि उसके पास हिप सॉकेट नहीं है। यह हमेशा लंगड़ा रहेगा। यह हमेशा लंगड़ा रहेगा।

छोटा लड़का उत्साहित हो गया। Pupp यह वह पिल्ला है जिसे मैं खरीदना चाहता हूं। '

दुकान के मालिक ने कहा,, नहीं, आप उस छोटे कुत्ते को खरीदना नहीं चाहते हैं। यदि आप वास्तव में उसे चाहते हैं, तो मैं उसे आपको दे दूंगा। '

छोटा लड़का काफी परेशान हो गया। उसने अपनी उंगली की ओर इशारा करते हुए सीधे दुकान के मालिक की आँखों में देखा, और कहा;

मैं नहीं चाहता कि आप उसे मुझे दें। उस छोटे से कुत्ते की कीमत हर दूसरे कुत्ते के बराबर है और मैं पूरी कीमत चुकाऊंगा। वास्तव में, मैं आपको अब $ 2.37 दे दूंगा, और जब तक मैंने उसके लिए भुगतान नहीं किया है, तब तक 50 सेंट एक महीना।

दुकान के मालिक ने काउंटर किया, don आप वास्तव में इस छोटे कुत्ते को खरीदना नहीं चाहते हैं। वह कभी भी अन्य पिल्लों की तरह आपके साथ दौड़ने और कूदने और खेलने में सक्षम नहीं होगा। '

उनके आश्चर्य के लिए, छोटा लड़का नीचे पहुंच गया और एक बड़ी धातु की चूड़ी द्वारा समर्थित बाएं पैर को बुरी तरह से मुड़ने के लिए प्रकट करने के लिए अपने पैंट पैर को लुढ़का दिया। उसने दुकान के मालिक की तरफ देखा और धीरे से जवाब दिया, 'ठीक है, मैं खुद इतनी अच्छी तरह से नहीं चलता, और छोटे पिल्ला को किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होगी जो समझता हो!' '

sachi bate image जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते

sachi bate image जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते 

[1]
sachi bate image सच्ची बाते
हसरतो को जिंदगी का नाम दे दिया,
कमबख्त एक रोज पूरी तो होगी।

[2]
भीड़ के साथ गलत दिशा में चलने की तुलना में,
अकेले चलना ही बेहतर है।

[3]
जब वक्त करवट लेता है न दोस्तों,
तब जिंदगियाँ पलट जाती है।

[4]
जीवन से बचकर आप शांति नहीं पा सकते।

[5]
भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है,
और दुसरो पर रखो तो कमजोरी बन जाती है।

[6]
झुको वहां जहाँ किसी के दिल में,
 आपको झुकाने की जिद ना हो।

[7]
जिंदगी में कई  ऐसे लोग भी मिलते है,
जिन्हें हम पा नहीं सकते शिर्फ़ चाह सकते है।

[8]
जीवन आनद लेने के लिए है, सहने के लिए नहीं।

[9]
किस्मत और लड़की धोखे भले ही देती है,
लेकिन जब साथ देती है तो जिंदगी बदल जाती है।

[10]
कल एक इंसान रोटी मगकर ले गया और करोडो कि दुआए दे गया,
पता ही नहीं चला की गरीब वो था या मै।

[11]
हर गुनाह ''कबूल'' है ''हमें'' 
बस ''शर्त'' ये है कि
 सजा देने वाला ''बेकसूर'' हो।

[12]
sachi bate image

रोटियाँ उन्ही की थालियों से कूड़े तक जाती है,
जिन्हें एह्साह ही नहीं होता की भूख क्या है।

[13]
बदनामी का डर तो उसे होता है,
जिसमे नाम कमाने की हिम्मत नहीं होती।

[14]
मुस्कुराना हर किसी के बस की बात नहीं है,
मुस्कुरा वो ही सकता है जो दिल का अमीर हो।

[15]
बदल जाती है जिंदगी की सच्चाई उस वक्त ,
जब कोई तुम्हारा, तुम्हारे सामने,तुम्हारा नहीं रहता।

[16]
जिंदगी भर नए दोस्त बनाते रहो। 

[17]
गरीब की Hi किसी को नहीं चाहिए,
 और अमीर की Hi सबको पसंद है।

[18]
खुदा करे हर किसी को कोई एसा अपना मिले,
जो उसे कभी किसी भी हाल में रोने ना दे।

[19]
मुझे तलाश है उन रास्तो की जहाँ से कोई गुजरा न हो,
सुना है वीरानो ने अक्सर जिंदगी मिल जाती है।

[20]
सुना है मौत एक पल की भी मोहलत नहीं देती,
मै अचानक मर जाऊ तो मुझे माफ़ कर देना।

[21]
कोई भी इंसान उसी ब्यक्ति की बाते चुपचाप सुनता है,
जिसे खो देने का डर उसे सबसे ज्यादा होता है।

[22]
चलने को तो एक पाँव से भी चल रहे है लोग,
पर दूसरा भी साथ दे तो और अच्छी बात है। 

[23]
मजाक किसी की जिंदगी में हो तो ही ठीक है,
किसी की जिंदगी से नहीं होना चाहिए।

[24]
अगर किसी चीज का गुरुर आने लगे तो,
 एक चक्कर कब्रिस्तान का लगा लिया करो,
वहां आपसे भी बेहतर इंसान मिट्टी के नीचे दफन है।

[25]
भरा है दिल इस तरह ख्वाहिशो से,
जरा सी जगह को तरसते है रिश्ते।

[26]
जहाँ कमरों में कैद हो जाती है जिंदगी,
लोग उसे शहर कहते है।

[27]
जिसमे याद ना आये वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बने वो खुदाई किस काम की,
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है,
पर जहाँ से अपने ना दिखाई दे वो ऊंचाई किस काम की।

[28]
मेहनत कर ली अपनी हैसियत थी जितनी,
अब बारी तकदीर की है हैसियत दिखने की।

[29]
जिंदगी अपने आप को ढूंढने का नाम नहीं है,
बल्कि जिंदगी अपने आपको बनाने का नाम है।

[30]
एक अर्थी बनाने वाले ने भी क्या बात कही है,
लोग मर रहे है इसलिए मेरा परिवार जिन्दा है।

[31]
उसी से बांध के बैठे है हम सारी उम्मीदे,
वो है जिंदगी जो किसी के साथ वफ़ा नहीं करती।

sachi bate image जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते 

चुम्बन के बॉक्स पूर्ण (प्यार)
चुम्बन के बॉक्स पूर्ण (प्रेरणादायक लघु कथाएँ)
कुछ समय पहले, एक व्यक्ति ने अपनी 3 वर्षीय बेटी को सोने के रैपिंग पेपर के रोल को बर्बाद करने के लिए दंडित किया। पैसा तंग था और वह तब बदनाम हो गया जब बच्चे ने क्रिसमस के पेड़ के नीचे एक बॉक्स को सजाने की कोशिश की।

फिर भी, छोटी लड़की ने अगली सुबह अपने पिता के लिए उपहार लाया और कहा, "यह आपके लिए है, डैडी।"

वह आदमी पहले अपने अतिउत्साह से शर्मिंदा हो गया, लेकिन उसका क्रोध जारी है जब उसने देखा कि बॉक्स खाली था। वह उस पर चिल्लाया; "क्या आप नहीं जानते, जब आप किसी को वर्तमान देते हैं, तो अंदर कुछ होना चाहिए?"

छोटी लड़की ने उसकी आँखों में आँसू के साथ देखा और रोया;
"ओह, डैडी, यह बिल्कुल भी खाली नहीं है। मैं बॉक्स में चुंबन उड़ा दिया। वे आपके लिए सभी हैं, डैडी। "
पिता को कुचल दिया गया था। उसने अपनी छोटी लड़की के चारों ओर अपनी बाहें डाल दीं, और वह उससे क्षमा मांगता रहा।

कुछ समय बाद ही एक दुर्घटना ने बच्चे की जान ले ली।

उसके पिता ने कई वर्षों के लिए अपने बिस्तर से सोने बॉक्स रखा और, जब भी वह हतोत्साहित किया गया है, वह एक काल्पनिक चुंबन बाहर ले जाना और बच्चा जो यह वहाँ रखा था के प्यार याद होगा।
कहानी की शिक्षा:
प्यार दुनिया का सबसे अनमोल तोहफा है।

सच्ची बाते हिंदी में sachi bate in hindi

सच्ची बाते हिंदी में  sachi bate in hindi
[1]
sachi bate in hindi
दुआ सलाम भी लोग हैसियत देख के करते है, 
अपनी हैसियत का अंदाजा रोज हो जाता है।

[2]
शख्सियत अच्छी होगी तभी दुश्मन बनेगे, 
वरना बुरे की तरफ देखता कौन है।

[3]
शिर्फ़ एक शक्श नहीं मरता खुदखुशी से, 
पूरा परिवार जिन्दा लाश बन जाता है।

[4]
भूलकर भी अपने दिल की बात किसी से मत करना, 
यहाँ कागज भी जरा सी देर में अखबार बन जाता है।

[5]
''सच्ची बाते ''
सच्चे रिश्तो की खूबसूरती एक दूसरे की गलतियों को बर्दास्त करने में है, 
क्यों की बिना कमी का इंसान तलाश करोगे तो अकेले ही रह जाओगे।

[6]
बड़ी अजीब होती है ये मौत भी, कभी कभी ये वहां होती है, 
जहाँ लोग जिंदगी की दुआ मागने जाते है।

[7]
मुफ्त में शिर्फ़ माँ बाप का प्यार मिलता है, 
इसके बाद दुनिया मे हर रिश्ते के लिए कुछ न कुछ चुकाना पड़ता है।

[8]
गरीबो से करीब का रिश्ता भी छुपाते है लोग और 
अमीरों से दूर का रिश्ता भी बढ़ा चढ़ा कर बताते है लोग।

[9]
बिखरने दो होठो पे हसी की फुहार को, 
प्यार से बात कर लेने से दौलत कम नहीं होती।

[10]
दुनिया बर्थडे केक की तरह है, 
अपना हिस्सा ले लेकिन बड़ा हिस्सा छोड़ दे।

[11]
कुछ इसलिए भी पसंद आते है सच बोलने वाले लोग, 
क्युकी वो खुद टूट जाते है पर किसीका दिल टूटने नहीं देते।

[12]
मुस्कुराने के मकसद न ढूढ़ वर्ना जिंदगी यूही कट जाएगी, 
कभी बेवजह भी मुस्कुरा के देख तेरे साथ जिंदगी भी मुस्कुराएगी।

[13]
कहते है की वक्त सारे घाव भर देता है, 
पर सच तो ये है की हम दर्द के साथ जीना सीख जाते है।

[14]
कुछ हसरते अधूरी ही रह जाए तो अच्छा है, 
पूरी हो जाने पर दिल खाली सा हो जाता है।

[15]
भरे बाजार से अक्सर खाली हाथ ही लौट आता हूँ 
क्यों कि पहले पैसे नहीं थे और अब ख्वाहिशे  नहीं रहीं। 

[16]
किसी दिन प्यास के बारे मे उससे पूछिये 
जिसकी बाल्टी कुए मे रह जाती है और रस्सी टूट जाती है। 

[17]
अपनी उम्र और पैसो पर कभी भी घमंड मत करना,
 क्यों कि जो चीजे गिनी जा सके वो यकीनन खत्म हो जाती है। 

[18]
किसकी समझूँ कीमत ये खुदा इस जहां मे 
तू मिट्टी से इंसान बनाते हो और इंसान मिट्टी से तुझे। 

[19]
दुनियाँ का उसूल है कि जब तक काम है 
तब तक नाम है वरना दूर से ही सलाम है। 

[20]
आपका जीवन महान हो इसके लिए 
आपका विश्वाशआपके भय से बड़ा होना चाहिए। 

[21]
जितना मैंने सोचा था जिंदगी उससे कहीं छोटी है। 

[22]
मेरे अच्छे वक्त ने दुनिया को बताया कि मै कैसा हूँ 
और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया कि दुनिया कैसी है। 

[23]
ना फिक्र कर की जमाना क्या सोचेगा 
जमाने को अपनी ही फिक्र से फुर्सत कहाँ है। 

[24]
कुछ एसे हादसे भी होते है जिंदगी मे 
इंसान बच जाता है मगर जिंदा नहीं रहता है। 

[25]
नफ़रतों के बाजार मे जीने का अलग ही मजा है लोग 
रुलाना नहीं छोड़ते और ज़िंदादिल हसाना नहीं छोड़ते। 

[26]
कहीं बिखरी हुई बाते कहीं टूटा हुआ वादा, 
ए जिंदगी बता क्या है तेरा किस्सा और क्या है तेरा इरादा। 

[27]
कोई भी माँ बाप बेटी की पैदाइश से नहीं डरते 
अगर वो डरते है तो बस बेटी के नसीब से । 

[28]
रिश्तों की डोर कमजोर तब होती है 
जब इंसान गलतफहमी मे,पैदा होने वाले सवालो का जावाब भी खुद ही बना लता है। 

[29]
किसी की तलाश मे मत निकलो क्योकि लोग खो नहीं बादल जाते है। 

[30]
बचपन मे जब धागो के बीच माचिस को फसाकर फोन फोन खेलते थे,
तब मालूम नहीं था एक दिन इस फोन मे जिंदगी सिमट चली जाएगी। 

[31]
जिंदगी को इतना सीरियश लेनेकी कोई जरूरत नहीं है यारो 
यहाँ से जिंदा बचकर कोई नहीं जाएगा ।

द ब्लाइंड गर्ल (बदलें)
द ब्लाइंड गर्ल (प्रेरणादायक लघु कथाएँ)
एक अंधी लड़की थी जो इस बात के लिए खुद से घृणा करती थी कि वह अंधी है। केवल एक व्यक्ति जिसे वह नफरत नहीं करती थी वह उसका प्रेमी था, क्योंकि वह हमेशा उसके लिए था। उसने कहा कि अगर वह केवल दुनिया देख सकती है, तो वह उससे शादी करेगी।

एक दिन, किसी ने उसे आँखों की एक जोड़ी दान की - अब वह अपने प्रेमी सहित सब कुछ देख सकती थी। उसके प्रेमी ने उससे पूछा, "अब जब तुम दुनिया देख सकते हो, क्या तुम मुझसे शादी करोगे?"

लड़की हैरान रह गई जब उसने देखा कि उसका प्रेमी भी अंधा था, और उसने उससे शादी करने से इनकार कर दिया। उसका प्रेमी आँसू में बह गया, और बाद में उसे एक पत्र लिखा:
"बस मेरी आँखों का ख्याल रखना प्रिय।"

कहानी की शिक्षा:
जब हमारी परिस्थितियाँ बदलती हैं, तो हमारा मन ऐसा होता है। कुछ लोग उस तरह से नहीं देख पा रहे हैं जिस तरह की चीजें पहले थीं, और शायद उनकी सराहना करने में सक्षम न हों। इस कहानी से सिर्फ एक ही नहीं बल्कि कई चीजें हैं।

यह प्रेरणादायक लघु कहानियों में से एक है जिसने मुझे अवाक छोड़ दिया।

2

बिक्री के लिए पिल्ले (समझ)
बिक्री के लिए पप्पीज़ (प्रेरणात्मक लघु कथाएँ)

एक दुकान के मालिक ने अपने दरवाजे के ऊपर एक संकेत रखा जिसमें कहा गया था: "पप्पीज़ फॉर सेल।"

संबंधित: 5 कारण क्यों व्यायाम आपके जीवन को बदलता है
इस तरह के संकेत हमेशा छोटे बच्चों को आकर्षित करने का एक तरीका है, और कोई आश्चर्य की बात नहीं है, एक लड़के ने संकेत देखा और मालिक से संपर्क किया;
"आप कितने पिल्लों को बेचने जा रहे हैं?" उसने पूछा।
दुकान के मालिक ने जवाब दिया, "कहीं भी $ 30 से $ 50 तक।"

छोटे लड़के ने अपनी जेब से कुछ बदलाव निकाला। "मेरे पास $ 2.37 है," उन्होंने कहा। "क्या मैं उन्हें देख सकता हूँ?"

दुकान का मालिक मुस्कुराया और सीटी बजी। केनेल में से लेडी आई, जो अपनी दुकान के गलियारे से नीचे भागती थी, उसके बाद पाँच नन्हे, फर के छोटे-छोटे गोले थे।
एक पिल्ला काफी पीछे चल रहा था। तुरंत ही छोटे लड़के ने लंगड़ा कर दिया, पिल्ला को लंगड़ा कर कहा, "उस छोटे कुत्ते के साथ क्या गलत है?"

दुकान के मालिक ने बताया कि पशुचिकित्सक ने छोटे पिल्ले की जांच की थी और उसे पता चला था कि उसके पास हिप सॉकेट नहीं है। यह हमेशा लंगड़ा रहेगा। यह हमेशा लंगड़ा रहेगा।

छोटा लड़का उत्साहित हो गया। "वह पिल्ला है जिसे मैं खरीदना चाहता हूं।"

दुकान के मालिक ने कहा, "नहीं, आप उस छोटे कुत्ते को खरीदना नहीं चाहते। यदि आप वास्तव में उसे चाहते हैं, तो मैं आपको उसे दे दूंगा। "

छोटा लड़का काफी परेशान हो गया। उसने अपनी उंगली की ओर इशारा करते हुए सीधे दुकान के मालिक की आँखों में देखा, और कहा;

“मैं नहीं चाहता कि तुम उसे मुझे दे दो। उस छोटे से कुत्ते की कीमत हर दूसरे कुत्ते के बराबर है और मैं पूरी कीमत चुकाऊंगा। वास्तव में, मैं आपको $ 2.37 अब और 50 सेंट एक महीने तक दूंगा, जब तक मैंने उसके लिए भुगतान नहीं किया। ”

दुकान के मालिक ने कहा, "आप वास्तव में इस छोटे कुत्ते को खरीदना नहीं चाहते हैं। वह कभी भी अन्य पिल्लों की तरह आपके साथ दौड़ने और कूदने और खेलने में सक्षम नहीं होगा। ”

उनके आश्चर्य के लिए, छोटा लड़का नीचे पहुंच गया और एक बड़ी धातु की चूड़ी द्वारा समर्थित बाएं पैर को बुरी तरह से मुड़ने के लिए प्रकट करने के लिए अपने पैंट पैर को लुढ़का दिया। उसने दुकान के मालिक की ओर देखा और धीरे से उत्तर दिया, "ठीक है, मैं खुद इतना अच्छा नहीं चलाता, और छोटे पिल्ला को किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होगी जो समझता हो!"

kuch sachi bate जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते

kuch sachi bate जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते

[1]
kuch sachi bate
सही समय का इन्तजार करते करते जिंदगी निकल जाएगी, 
अच्छा होगा की समय को सही बनाने की कोशिश करे।

[2]
kuch sachi bate

दोनों ही सफ़र थकन भरे लम्बे और बोझिल हो जाते है,
 अगर यात्रा में सामान और जिंदगी से ख्वाहिशे अधिक हो तो।

[3]
कुछ लोगो को लगता है की उनकी चालाकियां मुझे समझ में नहीं आती 
मै बड़ा खामोश होकर देखता हु उनको अपनी नजरो से गिरते हुए।

[4]
मौत का आलम देख कर तो जमीन भी दो गज जगह दे देती है ,
 फिर यह इंसान क्या चीज है जो जिन्दा रहने पर भी दिल में जगह नहीं देता।

[5]
मै जब किसी गरीब को हँसते हुए देखता हु तो , 
यकीन आ जाता है की खुशियों का ताल्लुक दौलत से नहीं है।

[6]
ये जो छोटे होते है दुकानों, होटलों और वर्कशॉप 
पर दरअसल ये बच्चे अपने घर के बड़े होते है।

[7]
किसी ने क्या खूब कहा है अकड़ तो सब में होती है झुकता वही है,
झुकता वही है जिसे रिश्ते की फ़िक्र होती है।

[8]
जहाँ प्रेम है वहां जीवन है।

[9]
दिल लगाने से अच्छा है कुछ पौधे लगाये, 
वो घाव नहीं कम से कम छाया तो देगे।

[10]
जो मागू वो दे दिया कर ये जिंदगी, 
तू बस मेरी माँ की तरह बन जा।

[11]
दिल में जीने का जज्बा चाहिए, 
खुशियाँ उम्र की मोहताज नहीं होती।

[12]
सलीका हो अगर भीगी हुई आँखों को पढने का तो फिर 
बहते हुए आसू भी अक्सर बात करते है।

[13]
जिंदगी देती नहीं सबको सुनहरे मौके तुझको 
अंगूठी मिली है तो नगीना बन जा।

[14]
कभी उस शक्श पर शक मत करो जो तुम 
पर खुद से ज्यादा भरोसा करता हो।

[15]
ये चालाकियां कहा मिलती है कोई बताओ यारो, 
हर कोई ठग लेता है जरा सा मीठा बोल कर।

[16]
शाम सुरज को ढलना सिखाती है, शम्मा परवाने को जलना सिखाती है; 
गिरने वाले को तकलीफ तो होती है मगर, ठोकर इंसान को चलना सिखाती है।

[17]
चलिए जिंदगी का जश्न कुछ इस तरह मानते है, 
कुछ अच्छा याद रखते है और कुछ बुरा भूल जाते है।

[18]
उड़ने दो इन परिंदों को आजाद फिजाओ में, 
अपने होगे तो लौट आयेगे किसी दिन।

[19]
नखरे तो शिर्फ़ माँ बाप उठाते है, 
लोग तो बस उंगलिया उठाते है।

[20]
जीवन न तो भविष्य में है और ना ही अतीत में है जीवन तो
 केवल इस पल में है इसी पल का अनुभव ही जीवन है।

[21]
गम न करना कभी जिंदगी में, तकदीर बदलती रहती है, 
शीशा वही रहता है बस तस्वीर बदलती रहती है।

[22]
ज़िन्दगी मै भी मुसाफिर हु तेरी कश्ती का,
 तू जहा मुझसे कहेगी मै उतर जाऊँगा।

[23]
अंजाम तो मालूम है हर एक को अपना फिर भी, 
अपनी नजरो में हर इंसान सिकंदर बना हुआ है।

[24]
उस माँ को भी रोटी के लाले है, 
जिसके बेटे चार कमाने वाले है।

[25]
जिंदगी उसके लिए मत गुजारो जिसके लिए तुम जिंदा हो,
बल्कि उसके लिए गुजारो जो तुम्हारी वजह से जिंदा है। 

[26]
काँटों पर गुजार देते है सारी जिंदगी 
कौन कहता है कि फूलो को कोई गम नहीं होता।

[27]
हर आदमी अपनी जिंदगी मे हीरो होता है 
बस कुछ लोग कि फिल्मे relese नहीं होती।

[28]
जिंदगी किसी के लिए नहीं रुकती है बस जीने कि वजह बादल जाती है। 

[29]
काश मै लौट जाऊ बचपन कि उस गलियो मे 
जहां ना कोई जरूरत थी और ना कोई जरूरी था। 

[30]
यूं तो मै दुश्मनों के काफिलो से भी सर उठा कर के गुजर जाता हूँ 
बस खौफ तो आफ्नो कि गलियों से गुजरने मे लगता है कि कोई धोखा ना दे दे। 

[31]
सलीका हो अगर दर्द को महसूस करने का 
तो किसी की खामोशी भी अक्सर बात करती है।

अपना गुस्सा नियंत्रित करें (गुस्सा)
अपने स्वभाव को नियंत्रित करें (प्रेरणादायक लघु कथाएँ)
एक बार एक छोटा लड़का था जिसका स्वभाव बहुत खराब था। उनके पिता ने उन्हें नाखूनों का एक बैग सौंपने का फैसला किया और कहा कि हर बार जब लड़का अपना आपा खो देता है, तो उसे बाड़ में कील ठोकनी पड़ती है।

पहले दिन, लड़के ने उस बाड़ में 37 नाखून लगाए।

लड़का धीरे-धीरे अगले कुछ हफ्तों में अपने स्वभाव को नियंत्रित करने लगा और नाखूनों की संख्या जो कि वह थी, बाड़ में धीरे-धीरे कम हो रही थी।

उन्होंने पाया कि बाड़ में उन नाखूनों को हथौड़ा देने की तुलना में अपने स्वभाव को नियंत्रित करना आसान था।

अंत में, वह दिन आ गया जब लड़का अपना आपा नहीं खोएगा। उसने अपने पिता को खबर सुनाई और पिता ने सुझाव दिया कि लड़के को अब हर दिन एक कील बाहर खींचनी चाहिए जो उसने अपने स्वभाव को नियंत्रण में रखा था।

दिन बीतते गए और वह युवा लड़का आखिरकार अपने पिता को बताने में सक्षम हो गया कि सभी नाखून चले गए थे। पिता अपने बेटे को हाथ में लेकर उसे बाड़े तक ले गया।
“तुमने अच्छा किया, मेरे बेटे, लेकिन बाड़ के छेद को देखो। बाड़ कभी भी एक जैसी नहीं होगी। जब आप गुस्से में बातें कहते हैं, तो वे इस तरह से एक निशान छोड़ देते हैं। आप एक आदमी में चाकू डाल सकते हैं और इसे बाहर निकाल सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितनी बार कहते हैं कि मुझे खेद है, घाव अभी भी है। "
कहानी की शिक्षा:
अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें, और लोगों को इस समय की गर्मी में ऐसी बातें न कहें, जिससे आपको बाद में पछतावा हो। जीवन में कुछ चीजें, आप वापस लेने में असमर्थ हैं।

sachi bate in hindi जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते

sachi bate in hindi जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते!

[1]
sachi bate in hindi
कुछ तो बात है मेरे देश की मिट्टी में ग़ालिब, 
सरहदे तोड़ कर आते है आतंकी भी यहाँ दफ़न होने के लिए।

[2]
हो चुकी मुलाकात अभी सलाम बाकि है तुम्हारे नाम की दो घूंट शराब बाकि है,
 तुमको मुबारक हो खुशियों का शामयाना मेरे नसीब में अभी दो गज जमीन बाकि है।

[3]
उनसे कहना की किस्मत पे इतना नाज ना करे, 
हमने बारिश में भी जलते हुए माकन देखे है।

[4]
दौड़ने दो खुले मैदान में नन्हे कदमो को साहब, 
जिंदगी बहुत भागती है बचपन गुजर जाने के बाद

[5]
ख्वाहिशे मेरी अधूरी ही सही पर कोशिशे मै पूरी करता हु।

[6]
मैंने कुछ ऐसे भी गरीब देखे है,
 जिनके पास पैसे के सिवा और कुछ भी नहीं है।

[7]
sachi bate in hindi
खुबसूरत सा वो पल, था लेकिन वो कल था।

[8]
बेटा तब तक अपना है जब तक उसे पत्नी नहीं मिल जाती, 
बेटी तब तक अपनी है जब तक जिंदगी खत्म नहीं हो जाती है।

[9]
मिली थी जिंदगी किसी के काम आने के लिए,
 पर वक्त बीत रहा है कागज के टुकड़े कमाने के लिए।

[10]
मैने पूछा अपने खुदा से क्यों मेरी दुआ उसी वक्त नहीं सुनता,
 तो खुदा ने मुस्कुरा कर कहा, मै तो तेरे गुनाहों की सजा भी उसी वक्त नहीं देता।

[11]
जिंदगी को आसन नहीं खुद को मजबूत बनाना पड़ता है, 
उत्तम समय कभी नहीं आता समय को उत्तम बनाना पड़ता है।

[12]
उम्मीद झूटी ही सही, 
जिंदगी तो गुजरती है।

[13]
अब कटेगी जिंदगी सुकून से, 
अब हम भी मतलबी हो गए है।

[14]
दिल में बने रहना ही सच्ची शोहरत है, 
वरना मशहूर तो क़त्ल करके भी हुआ जा सकता है।

[15]
मुस्कुराहटे झूठी भी हुआ करती है, 
देखना नहीं समझना सिखों।

[16]
मेरे अपने कही कम न हो जाए इसीलिए हमने मुसीबत में 
भी किसी अपने को आजमाया नहीं।

[17]
जिंदगी जला दी हमने जब जैसी जलानी थी,
अब धुए पर तमाशा कैसा और राख पर बहस कैसी।

[18]
चलो अब जंगल को चलते है क्योकि सारे जानवर शहर मे रहते है।

[19]
गलत लोग सभी के जीवन मे आते है 
लेकिन सीख हमेशा सही ही देकर जाते है।

[20]
आत्मज्ञान, आत्मसम्मान और आत्मसंयम ये तीनों ही जीवन को 
परम सम्पन्न बनाते है।

[21]
ये जिंदगी तोड़कर हमको एसे बिखेरो इस बार,
ना फिर से टूट पाये हम और न फिर से जुड़ पाओ तुम।

[22]
जो दोगे वही लौटकर वापस आएगा चाहे वो इज्जत हो या धोखा।

[23]
हमे क्या पता था जिंदगी इतनी अनमोल है,
कफन ओढ़ कर देखा तो नफरत करने वाले भी रो रहे थे।

[24]
बहुत दूर है तुमसे पर दिल तुम्हारे पास है जिस्म पड़ा है यहाँ पर रूह तुम्हारे पास है,
जन्मदिन है तुम्हारा पर जश्न हमारे पास है,
जुड़ा है एक दूसरे से हम पर फिर भी तुम हमारे पास हो और हम तुम्हारे पास है।

[25]
जिंदगी एक सफर है आराम से चकते चलो,
उतार चढ़ाव तो आते रहेगे।

[26]
मुझसे नाराज है तो छोड़ दे मुझको ए जिंदगी,
मुझे रोज रोज तमाशा न बनाया कर।

[27]
जिनसे मिलते ही दिल को खुशी मिल जाती है,
वो लोग क्यो जिंदगी मे कम ही मिला करते है।

[28]
बुराई इसलिए नहीं बढ़ती क्यो की बुरे लोग बढ़ गए है,
बुराई इसलिए बढ़ती है की बुराई को सहन करने वाले लोग बढ़ गए है।

[29]
जिस जीवन कि समीक्षा व परख न कि गई हो,
 वह जीने योग्य ही नहीं है।

[30]
होने दो मेरी जिंदगी का तमाशा,
क्यो कि मैंने भी बहुत तालिया बजायी थी सर्कस मे, शेर के नाचने पर।

[31]
इंसान कि फितरत को समझते है ये परिंदे,
कितनी भी मुहब्बत से बुलाना मगर पास नहीं आएगे।

जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते

तितली (संघर्ष)
तितली (प्रेरणादायक लघु कथाएँ)
एक आदमी को तितली का एक कोकून मिला।

एक दिन एक छोटा सा उद्घाटन दिखाई दिया। वह बैठ गया और कई घंटों तक तितली को देखता रहा क्योंकि यह उस छोटे से छेद के माध्यम से अपने शरीर को मजबूर करने के लिए संघर्ष करता था।

जब तक यह अचानक कोई प्रगति करना बंद कर देता है और ऐसा लगता है कि यह अटक गया था।

तो उस आदमी ने तितली की मदद करने का फैसला किया। उन्होंने कैंची की एक जोड़ी ली और कोकून के शेष हिस्से को छीन लिया। तितली तब आसानी से उभरी, हालांकि इसमें एक सूजा हुआ शरीर और छोटे, छोटे पंख थे।

वह आदमी इसके बारे में कुछ भी नहीं सोचता था और तितली के समर्थन के लिए पंखों के विस्तार के लिए इंतजार कर रहा था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तितली अपने जीवन के बाकी हिस्सों को उड़ने में असमर्थ रही, छोटे पंखों और एक सूजे हुए शरीर के साथ रेंगती रही।

आदमी के दयालु हृदय के बावजूद, उसने यह नहीं समझा कि छोटे से उद्घाटन के माध्यम से खुद को प्राप्त करने के लिए कोकून और तितली द्वारा आवश्यक संघर्ष; तितली के शरीर से उसके पंखों में तरल पदार्थ निकालने के लिए भगवान का तरीका था। कोकून से बाहर निकलते ही खुद को उड़ने के लिए तैयार करना।

कहानी की शिक्षा:
जीवन में हमारे संघर्ष हमारी ताकत विकसित करते हैं। संघर्षों के बिना, हम कभी नहीं बढ़ते हैं और कभी मजबूत नहीं होते हैं, इसलिए हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने दम पर चुनौतियों का सामना करें, और दूसरों की मदद पर भरोसा न करें।

zindagi ki sachi bate जिंदगी की सच्ची बाते

zindagi ki sachi bate जिंदगी की सच्ची बाते -
[1]
जिंदगी जरा मुस्कुरा, एक सेल्फी लेनी है तेरे साथ।

[2]
zindagi ki sachi bate

वही सबसे तेज चलता है, 
जो अकेला चलता है।

[3]
जिंदगी में कुछ लोग ऐसे भी होते है, 
जो वादा नहीं करते लेकिन निभाते बहुत है।

[4]
आइना कब किसको सच बता पाया है, 
जब देखा दाया तो बाया ही नजर आया है।

[5]
बचपन की सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी यही थी यारो 
की बड़े होते ही जिंदगी बड़ी मजेदार हो जाएगी।

[6]
एक हमसफ़र वो होता है जो पूरी जिंदगी साथ निभाए, 
और एक हमसफ़र वो जो चंद लम्हों में पूरी जिंदगी दे जाए।

[7]
छु ले आसमान जमीन की तलाश न कर, जी ले जिंदगी 
ख़ुशी की तलाश न कर, तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त, 
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश न कर,

[8]
इंसान ख्वाहिशो से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है, 
जो उम्मीदों से ही घायल है और उम्मीदों पर ही जिन्दा है।

[9]
क्या किस्मत पाई है रोटियों ने भी निवाला बनकर, 
रहीसो ने आधी फेक दी और गरीबो ने आधी में जिंदगी गुजार दी।

[10]
जिसने जीवन में संघर्ष नहीं किया उसका जीवन व्यर्थ है।

[11]
हकीकत जिंदगी की ठीक से जब जान जाओगे 
ख़ुशी से रो पड़ोगे और गमो में मुस्कुराओगे।

[12]
जिंदगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ, 
मगर किसी के प्रेम और विश्वाश का नहीं।

[13]
बहुत अच्छा लगता है ना, 
जब कोई हमारी वजह से खुश होता है।

[14]
छुपे छुपे से रहते है सरेआम नहीं हुआ करते, 
कुछ रिश्ते का बस एहसास होता है, उनके नाम नहीं हुआ करते।

[15]
धोका खाने वाले को तो एक दिन सुकून मिल ही जाता है, 
लेकिन धोका देने वाले को कभी सुकून नहीं मिलता।

[16]
इतने भी नजदीक न जाओ किसी के की 
उसके जाने से जिंदगी सजा बन जाए।

[17]
अक्सर वही लोग उठाते है हम पर उंगलिया 
जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती।

[18]
कुछ इस तरह फ़क़ीर ने जिंदगी की मिसाल 
दी मुट्ठी में धुल ली और हवा में उछाल दी।

[19]
बहुत दूर तक जाना पड़ता है, शिर्फ़ यह 
जानने के लिए की नजदीक कौन है।

[20]
पैसे वाले का आधे से ज्यादा पैसा तो यह दिखाने 
में चला जाता है की वह पैसे वाले है।

[21]
समझदार वह व्यक्ति नहीं जो ईंट का जवाब पत्थर से दे,
 समझदार वह है जो फेकी हुई ईंट से अपना घर बना ले।

[22]
जिंदगी की परीक्षा में कोई अंक नहीं होते, 
कोई आपको दिल से याद करे तो समझ लो पास हो गए।

[23]
कुछ लोग ऐसे होते है जिनका मूड ख़राब हो तो भी 
अपनी ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकते है।

[24]
अपनी जबान से किसी की बुराई मत  करो क्युकी बुराइया तुममे भी है 
और जुबान दुसरो के पास भी है।

[25]
वो कभी वापस नहीं आएगी यही वो चीज है जो जिंदगी को इतना मधुर बनाती है। 

[26]
हंश मरते हुये भी गाता है और मोर नाचते हुये भी रोता है,
ये जिंदगी का वशूल है मेरे दोस्त कि 
दुखो वाली रात नींद नहीं आती और खुशी मे कौन सोता है। 

[27]
जिंदगी देने वाले मारता छोड़ गए अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गए 
जेब पड़ी जरूरत हमे अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले रास्ते मोड गए। 

[28]
वक्त सबको मिलता है जिंदगी बदलने के लिए 
पर जिंदगी दोबारा नहीं मिलती वक्त बदलने के लिए। 

[29]
मन मे जो है वो साफ साफ कह दो फैसला 
फासने से बेहतर होता है। 

[30]
जिसके लफ्जो से हमे अक्ल मिलती है, 
बड़े निसोबों से एस कोई शक्स मिलता है। 

[31]
मंजिलों से गुमराह भी कर देते है कुछ लोग हर किसी से रास्ता पूछना 
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं लगता।

[32]
अकेले रहने का भी एक अलग सुकून है 
ना किसी की वापस आने की उम्मीद और ना किसी के छोड़ जाने का डर।

[33]
खुदा करे हर किसी को  कोई एसा अपना मिले
जो उसे कभी किसी भी हाल मे रोने ना दे।

मक्खन का एक पाउंड-
एक किसान था जिसने एक बेकर को पाउंड का मक्खन बेचा था। एक दिन बेकर ने मक्खन का वजन करने का फैसला किया, यह देखने के लिए कि क्या उसे सही राशि मिल रही है, जो वह नहीं था। इस बात से नाराज होकर वह किसान को अदालत में ले गया।

न्यायाधीश ने किसान से पूछा कि क्या वह मक्खन को वजन करने के लिए किसी उपाय का उपयोग कर रहा है। किसान ने जवाब दिया, "सम्मान, मैं आदिम हूं। मेरे पास एक उचित उपाय नहीं है, लेकिन मेरे पास एक पैमाना है। "

न्यायाधीश ने पूछा, "फिर आप मक्खन का वजन कैसे करते हैं?"

किसान ने उत्तर दिया;

  “आपका सम्मान, जब से बेकर ने मुझसे मक्खन खरीदना शुरू किया, बहुत समय पहले मैं उससे एक पाउंड की रोटी खरीद रहा था। हर दिन जब बेकर रोटी लाता है, तो मैं इसे बड़े पैमाने पर डालता हूं और उसे मक्खन में समान वजन देता हूं। अगर किसी को दोषी ठहराया जाना है, तो वह बेकर है। ”

कहानी की शिक्षा:
जीवन में आपको वही मिलता है जो आप देते हैं। दूसरों को धोखा देने की कोशिश न करें।

2
हमारी राह में बाधा

प्राचीन समय में, एक राजा के पास एक सड़क पर एक शिलाखंड था। फिर उसने खुद को छिपा लिया और यह देखने के लिए देखा कि क्या कोई बोल्डर को रास्ते से हटा देगा। राजा के कुछ सबसे धनी व्यापारी और दरबारी आए और बस इधर-उधर चले गए।

कई लोगों ने सड़कों को साफ नहीं रखने के लिए राजा को जोर से दोषी ठहराया, लेकिन उनमें से किसी ने भी पत्थर को रास्ते से हटाने के बारे में कुछ नहीं किया।

एक किसान तब सब्जियों का बोझ लेकर आया था। बोल्डर के पास जाने पर, किसान ने अपना बोझ नीचे रखा और पत्थर को सड़क से बाहर धकेलने की कोशिश की। बहुत जोर देने और तनाव के बाद, वह आखिरकार सफल हुआ।

किसान अपनी सब्जियां लेने के लिए वापस जाने के बाद, उन्होंने देखा कि सड़क में एक पर्स पड़ा है, जहां बोल्डर पड़ा था।

पर्स में कई सोने के सिक्के और राजा का एक नोट था जिसमें बताया गया था कि सोना उस व्यक्ति के लिए था जिसने सड़क के रास्ते से पत्थर हटा दिया था।

कहानी की शिक्षा:
जीवन में आने वाली हर बाधा हमें अपनी परिस्थितियों को सुधारने का मौका देती है, और आलसी शिकायत के दौरान, दूसरों को अपनी तरह के दिल, उदारता और चीजों को प्राप्त करने की इच्छा के माध्यम से अवसर पैदा कर रहे हैं।

sachi bate shayari सच्ची बाते जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते शायरी

sachi bate shayari सच्ची बाते जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते शायरी 

[1]
sachi bate shayari

इस जहाँ में कब किसी का दर्द अपनाते है लोग,
रुख हवा का देख कर अक्सर बदल जाते है लोग।

[2]
किसी को मकान किसी के हिस्से में दुकान आई, 
घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई।

[3]
दोस्ती और दुश्मनी मजेदार है,
 बस निभाने का दम होना चाहिए।

[4]
कौन कहता है की छेद आसमा में हो नहीं सकता,
इक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।

[5]
दिल में  अरमान बहुत है सजाऊं कैसे, तेरी याद बहुत आये, भुलाऊँ कैसे।

[6]
रास्ते को भी दे दोष और आंखे भी कल लाल,
 चप्पल में जो कील है, पहले उसे निकाल।

[7]
सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का मै 
इक कतरा हु तन्हा हो बह नहीं सकता।

[8]
जनम मरण का साथ था जिनका, उन्हें भी हमसे बैर, 
वापिस ले चल बस तो हमें, हो गई जग से बैर।

[9]
मैंने कहा कभी सपनो में भी शक्ल न मुझको दिखाई, 
उसने कहा, मुझ बिन भला तुझको नींद ही कैसे आई।

[10]
उसको रुखसद तो किया था, मुझे मालूम न था,
 सारा घर ले गया, छोड़ के जाने वाला।

[11]
सर पर चढ़ कर बोल रहे है,
 पौधे जैसे लोग पेड़ बने खामोश खड़े है कैसे कैसे लोग।

[12]
कौन कहता है की अल्फाज बेजुबान होते है, 
चुभ जाए गर तो उम्र भर दर्द देते है।

[13]
नमक की तरह हो गई है जिन्दगी, 
लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते है।

[14]
यहाँ मजबूत से मजबूत लोहा टूट जाता है, 
कई झूठे इकट्ठे हो तो सच्चा टूट जाता है।

[15]
चेहरे अजनबी हो भी जाए तो कोई बात नहीं, 
रवैये अजनबी हो जाए तो बड़ी तकलीफ देते है।

[16]
कोई इसके साथ है, कोई उसके साथ है,
 देखना ये है, मैदान किसके साथ है।

[17]
मेहेरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक्त 
मै गया वक्त नहीं कि फिर आ भी ना सकू।

[18]
ख़त पे ख़त हमने भेजे पर जवाब आता नहीं, 
कौन सी एसी खता हुयी मुझको याद आता नहीं।

[19]
फिर उड़ गई नींद ये सोच कर कि 
 सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था। 

[20]
इश्क़ कर लीजिये बहोत इन किताबों से एक यही है 
जो अपनी बातों से पलटा नहीं करती है। 

[21]
आप जिसपर आंख बंद करके भरोसा करते है 
अक्सर वही आप कि आंखे खोल जाता है !

[22]
कभी कभी जिंदगी इस कदर तन्हा बना देती है कि हमे जिंदगी से 
प्यारी मौत लगने लगती है। 

[23]
फिर से मुझे मिट्टी मे खेलने दे ए जिंदगी 
ये साफ सुथरी जिंदगी उस मिट्टी से ज्यादा साफ गंदी है। 

[24]
गलत लोग सभी के जीवन मे आते है लेकिन सीख हमेशा सही देकर जाते है। 

[25]
मै किसी से बेहतर करू, क्या फर्क पड़ता है!
मै किसी का बेहतर करू बहुत फर्क पड़ता है। 

[26]
दिलो मे खोट है और जुबा से प्यार करते है,
बहुत से लोग दुनिया मे यही व्यापार करते है। 

[27]
कोई हालात नहीं समझता तो कोई जज़्बात नहीं समझता,
ये अपनी अपनी समझ कि बात है कोई कोरा कागज भी पढ़ लेता है तो कोई 
पूरा किताब नहीं समझता। 

[28]
जीवन का सबसे बड़ा उपयोग 
इसे किसी एसे चीज मे लगाने मे है जो इसके बाद भी रहे। 

[29]
थोड़ी सजा उन्हे भी दे देती ये जिंदगी 
जिनकी वजह से गरीब लोग सड्को पर सोते है।

[30]
जिंदगी मे ब्रांडेड चीजे ही इस्तेमाल करने वाले 
एक बात याद रखना कि कफन का कोई ब्रांड नहीं होता।

[31]
'' sachi bate shayari ''
sachi bate shayari

करीब इतना रहो कि रिश्तो में प्यार रहे, दूर भी इतना रहो कि आने का इन्तजार रहे, 
रखो उम्मीद रिश्तो के दरमियान इतनी, कि टूट जाए उम्मीद मगर रिश्ते बरक़रार रहे।

sachi bate shayari सच्ची बाते जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते शायरी 

मेंढकों का समूह-
जब मेंढकों का एक समूह जंगल से गुजर रहा था, उनमें से दो गहरे गड्ढे में गिर गए। जब दूसरे मेंढकों ने गड्ढे के चारों ओर भीड़ लगाई और देखा कि यह कितना गहरा है, तो उन्होंने दो मेंढकों से कहा कि उनके लिए कोई उम्मीद नहीं बची है।

हालांकि, दो मेंढकों ने यह अनदेखी करने का फैसला किया कि अन्य क्या कह रहे थे और उन्होंने गड्ढे से बाहर निकलने की कोशिश की।

उनके प्रयासों के बावजूद, गड्ढे के शीर्ष पर मेंढकों का समूह अभी भी कह रहा था कि उन्हें बस छोड़ देना चाहिए। कि वे इसे कभी बाहर नहीं करेंगे।

आखिरकार, मेंढक में से एक ने इस बात पर ध्यान दिया कि दूसरे क्या कह रहे थे और उसने हार मान ली, जिससे उसकी मौत हो गई। दूसरे मेंढक ने उतनी ही मुश्किल से कूदना जारी रखा जितना वह कर सकता था। फिर से, मेंढकों की भीड़ दर्द को रोकने के लिए उस पर चिल्लाया और बस मर गया।

वह और ज़ोर से कूदा और आखिकार कर दिखाया। जब वह बाहर निकला, तो दूसरे मेंढकों ने कहा, "क्या तुमने हमें नहीं सुना?"

मेंढक ने उन्हें समझाया कि वह बहरा था। वह सोचता है कि वे उसे पूरे समय तक प्रोत्साहित कर रहे थे।

कहानी की शिक्षा:
लोगों के शब्दों का दूसरे के जीवन पर बड़ा प्रभाव हो सकता है। अपने मुंह से निकलने से पहले आप जो कहते हैं, उसके बारे में सोचें। यह सिर्फ जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर हो सकता है।