सोमवार, 6 अप्रैल 2020

सच्ची बाते हिंदी में sachi bate in hindi

सच्ची बाते हिंदी में  sachi bate in hindi
[1]
sachi bate in hindi
दुआ सलाम भी लोग हैसियत देख के करते है, 
अपनी हैसियत का अंदाजा रोज हो जाता है।

[2]
शख्सियत अच्छी होगी तभी दुश्मन बनेगे, 
वरना बुरे की तरफ देखता कौन है।

[3]
शिर्फ़ एक शक्श नहीं मरता खुदखुशी से, 
पूरा परिवार जिन्दा लाश बन जाता है।

[4]
भूलकर भी अपने दिल की बात किसी से मत करना, 
यहाँ कागज भी जरा सी देर में अखबार बन जाता है।

[5]
''सच्ची बाते ''
सच्चे रिश्तो की खूबसूरती एक दूसरे की गलतियों को बर्दास्त करने में है, 
क्यों की बिना कमी का इंसान तलाश करोगे तो अकेले ही रह जाओगे।

[6]
बड़ी अजीब होती है ये मौत भी, कभी कभी ये वहां होती है, 
जहाँ लोग जिंदगी की दुआ मागने जाते है।

[7]
मुफ्त में शिर्फ़ माँ बाप का प्यार मिलता है, 
इसके बाद दुनिया मे हर रिश्ते के लिए कुछ न कुछ चुकाना पड़ता है।

[8]
गरीबो से करीब का रिश्ता भी छुपाते है लोग और 
अमीरों से दूर का रिश्ता भी बढ़ा चढ़ा कर बताते है लोग।

[9]
बिखरने दो होठो पे हसी की फुहार को, 
प्यार से बात कर लेने से दौलत कम नहीं होती।

[10]
दुनिया बर्थडे केक की तरह है, 
अपना हिस्सा ले लेकिन बड़ा हिस्सा छोड़ दे।

[11]
कुछ इसलिए भी पसंद आते है सच बोलने वाले लोग, 
क्युकी वो खुद टूट जाते है पर किसीका दिल टूटने नहीं देते।

[12]
मुस्कुराने के मकसद न ढूढ़ वर्ना जिंदगी यूही कट जाएगी, 
कभी बेवजह भी मुस्कुरा के देख तेरे साथ जिंदगी भी मुस्कुराएगी।

[13]
कहते है की वक्त सारे घाव भर देता है, 
पर सच तो ये है की हम दर्द के साथ जीना सीख जाते है।

[14]
कुछ हसरते अधूरी ही रह जाए तो अच्छा है, 
पूरी हो जाने पर दिल खाली सा हो जाता है।

[15]
भरे बाजार से अक्सर खाली हाथ ही लौट आता हूँ 
क्यों कि पहले पैसे नहीं थे और अब ख्वाहिशे  नहीं रहीं। 

[16]
किसी दिन प्यास के बारे मे उससे पूछिये 
जिसकी बाल्टी कुए मे रह जाती है और रस्सी टूट जाती है। 

[17]
अपनी उम्र और पैसो पर कभी भी घमंड मत करना,
 क्यों कि जो चीजे गिनी जा सके वो यकीनन खत्म हो जाती है। 

[18]
किसकी समझूँ कीमत ये खुदा इस जहां मे 
तू मिट्टी से इंसान बनाते हो और इंसान मिट्टी से तुझे। 

[19]
दुनियाँ का उसूल है कि जब तक काम है 
तब तक नाम है वरना दूर से ही सलाम है। 

[20]
आपका जीवन महान हो इसके लिए 
आपका विश्वाशआपके भय से बड़ा होना चाहिए। 

[21]
जितना मैंने सोचा था जिंदगी उससे कहीं छोटी है। 

[22]
मेरे अच्छे वक्त ने दुनिया को बताया कि मै कैसा हूँ 
और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया कि दुनिया कैसी है। 

[23]
ना फिक्र कर की जमाना क्या सोचेगा 
जमाने को अपनी ही फिक्र से फुर्सत कहाँ है। 

[24]
कुछ एसे हादसे भी होते है जिंदगी मे 
इंसान बच जाता है मगर जिंदा नहीं रहता है। 

[25]
नफ़रतों के बाजार मे जीने का अलग ही मजा है लोग 
रुलाना नहीं छोड़ते और ज़िंदादिल हसाना नहीं छोड़ते। 

[26]
कहीं बिखरी हुई बाते कहीं टूटा हुआ वादा, 
ए जिंदगी बता क्या है तेरा किस्सा और क्या है तेरा इरादा। 

[27]
कोई भी माँ बाप बेटी की पैदाइश से नहीं डरते 
अगर वो डरते है तो बस बेटी के नसीब से । 

[28]
रिश्तों की डोर कमजोर तब होती है 
जब इंसान गलतफहमी मे,पैदा होने वाले सवालो का जावाब भी खुद ही बना लता है। 

[29]
किसी की तलाश मे मत निकलो क्योकि लोग खो नहीं बादल जाते है। 

[30]
बचपन मे जब धागो के बीच माचिस को फसाकर फोन फोन खेलते थे,
तब मालूम नहीं था एक दिन इस फोन मे जिंदगी सिमट चली जाएगी। 

[31]
जिंदगी को इतना सीरियश लेनेकी कोई जरूरत नहीं है यारो 
यहाँ से जिंदा बचकर कोई नहीं जाएगा । 
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