मंगलवार, 2 मार्च 2021

zindagi ki sachi bate जिंदगी की सच्ची बाते

zindagi ki sachi bate जिंदगी की सच्ची बाते -
[1]
जिंदगी जरा मुस्कुरा, एक सेल्फी लेनी है तेरे साथ।

[2]
zindagi ki sachi bate

वही सबसे तेज चलता है, 
जो अकेला चलता है।

[3]
जिंदगी में कुछ लोग ऐसे भी होते है, 
जो वादा नहीं करते लेकिन निभाते बहुत है।

[4]
आइना कब किसको सच बता पाया है, 
जब देखा दाया तो बाया ही नजर आया है।

[5]
बचपन की सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी यही थी यारो 
की बड़े होते ही जिंदगी बड़ी मजेदार हो जाएगी।

[6]
एक हमसफ़र वो होता है जो पूरी जिंदगी साथ निभाए, 
और एक हमसफ़र वो जो चंद लम्हों में पूरी जिंदगी दे जाए।

[7]
छु ले आसमान जमीन की तलाश न कर, जी ले जिंदगी 
ख़ुशी की तलाश न कर, तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त, 
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश न कर,

[8]
इंसान ख्वाहिशो से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है, 
जो उम्मीदों से ही घायल है और उम्मीदों पर ही जिन्दा है।

[9]
क्या किस्मत पाई है रोटियों ने भी निवाला बनकर, 
रहीसो ने आधी फेक दी और गरीबो ने आधी में जिंदगी गुजार दी।

[10]
जिसने जीवन में संघर्ष नहीं किया उसका जीवन व्यर्थ है।

[11]
हकीकत जिंदगी की ठीक से जब जान जाओगे 
ख़ुशी से रो पड़ोगे और गमो में मुस्कुराओगे।

[12]
जिंदगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ, 
मगर किसी के प्रेम और विश्वाश का नहीं।

[13]
बहुत अच्छा लगता है ना, 
जब कोई हमारी वजह से खुश होता है।

[14]
छुपे छुपे से रहते है सरेआम नहीं हुआ करते, 
कुछ रिश्ते का बस एहसास होता है, उनके नाम नहीं हुआ करते।

[15]
धोका खाने वाले को तो एक दिन सुकून मिल ही जाता है, 
लेकिन धोका देने वाले को कभी सुकून नहीं मिलता।

[16]
इतने भी नजदीक न जाओ किसी के की 
उसके जाने से जिंदगी सजा बन जाए।

[17]
अक्सर वही लोग उठाते है हम पर उंगलिया 
जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती।

[18]
कुछ इस तरह फ़क़ीर ने जिंदगी की मिसाल 
दी मुट्ठी में धुल ली और हवा में उछाल दी।

[19]
बहुत दूर तक जाना पड़ता है, शिर्फ़ यह 
जानने के लिए की नजदीक कौन है।

[20]
पैसे वाले का आधे से ज्यादा पैसा तो यह दिखाने 
में चला जाता है की वह पैसे वाले है।

[21]
समझदार वह व्यक्ति नहीं जो ईंट का जवाब पत्थर से दे,
 समझदार वह है जो फेकी हुई ईंट से अपना घर बना ले।

[22]
जिंदगी की परीक्षा में कोई अंक नहीं होते, 
कोई आपको दिल से याद करे तो समझ लो पास हो गए।

[23]
कुछ लोग ऐसे होते है जिनका मूड ख़राब हो तो भी 
अपनी ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकते है।

[24]
अपनी जबान से किसी की बुराई मत  करो क्युकी बुराइया तुममे भी है 
और जुबान दुसरो के पास भी है।

[25]
वो कभी वापस नहीं आएगी यही वो चीज है जो जिंदगी को इतना मधुर बनाती है। 

[26]
हंश मरते हुये भी गाता है और मोर नाचते हुये भी रोता है,
ये जिंदगी का वशूल है मेरे दोस्त कि 
दुखो वाली रात नींद नहीं आती और खुशी मे कौन सोता है। 

[27]
जिंदगी देने वाले मारता छोड़ गए अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गए 
जेब पड़ी जरूरत हमे अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले रास्ते मोड गए। 

[28]
वक्त सबको मिलता है जिंदगी बदलने के लिए 
पर जिंदगी दोबारा नहीं मिलती वक्त बदलने के लिए। 

[29]
मन मे जो है वो साफ साफ कह दो फैसला 
फासने से बेहतर होता है। 

[30]
जिसके लफ्जो से हमे अक्ल मिलती है, 
बड़े निसोबों से एस कोई शक्स मिलता है। 

[31]
मंजिलों से गुमराह भी कर देते है कुछ लोग हर किसी से रास्ता पूछना 
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं लगता।

[32]
अकेले रहने का भी एक अलग सुकून है 
ना किसी की वापस आने की उम्मीद और ना किसी के छोड़ जाने का डर।

[33]
खुदा करे हर किसी को  कोई एसा अपना मिले
जो उसे कभी किसी भी हाल मे रोने ना दे।

मक्खन का एक पाउंड-
एक किसान था जिसने एक बेकर को पाउंड का मक्खन बेचा था। एक दिन बेकर ने मक्खन का वजन करने का फैसला किया, यह देखने के लिए कि क्या उसे सही राशि मिल रही है, जो वह नहीं था। इस बात से नाराज होकर वह किसान को अदालत में ले गया।

न्यायाधीश ने किसान से पूछा कि क्या वह मक्खन को वजन करने के लिए किसी उपाय का उपयोग कर रहा है। किसान ने जवाब दिया, "सम्मान, मैं आदिम हूं। मेरे पास एक उचित उपाय नहीं है, लेकिन मेरे पास एक पैमाना है। "

न्यायाधीश ने पूछा, "फिर आप मक्खन का वजन कैसे करते हैं?"

किसान ने उत्तर दिया;

  “आपका सम्मान, जब से बेकर ने मुझसे मक्खन खरीदना शुरू किया, बहुत समय पहले मैं उससे एक पाउंड की रोटी खरीद रहा था। हर दिन जब बेकर रोटी लाता है, तो मैं इसे बड़े पैमाने पर डालता हूं और उसे मक्खन में समान वजन देता हूं। अगर किसी को दोषी ठहराया जाना है, तो वह बेकर है। ”

कहानी की शिक्षा:
जीवन में आपको वही मिलता है जो आप देते हैं। दूसरों को धोखा देने की कोशिश न करें।

2
हमारी राह में बाधा

प्राचीन समय में, एक राजा के पास एक सड़क पर एक शिलाखंड था। फिर उसने खुद को छिपा लिया और यह देखने के लिए देखा कि क्या कोई बोल्डर को रास्ते से हटा देगा। राजा के कुछ सबसे धनी व्यापारी और दरबारी आए और बस इधर-उधर चले गए।

कई लोगों ने सड़कों को साफ नहीं रखने के लिए राजा को जोर से दोषी ठहराया, लेकिन उनमें से किसी ने भी पत्थर को रास्ते से हटाने के बारे में कुछ नहीं किया।

एक किसान तब सब्जियों का बोझ लेकर आया था। बोल्डर के पास जाने पर, किसान ने अपना बोझ नीचे रखा और पत्थर को सड़क से बाहर धकेलने की कोशिश की। बहुत जोर देने और तनाव के बाद, वह आखिरकार सफल हुआ।

किसान अपनी सब्जियां लेने के लिए वापस जाने के बाद, उन्होंने देखा कि सड़क में एक पर्स पड़ा है, जहां बोल्डर पड़ा था।

पर्स में कई सोने के सिक्के और राजा का एक नोट था जिसमें बताया गया था कि सोना उस व्यक्ति के लिए था जिसने सड़क के रास्ते से पत्थर हटा दिया था।

कहानी की शिक्षा:
जीवन में आने वाली हर बाधा हमें अपनी परिस्थितियों को सुधारने का मौका देती है, और आलसी शिकायत के दौरान, दूसरों को अपनी तरह के दिल, उदारता और चीजों को प्राप्त करने की इच्छा के माध्यम से अवसर पैदा कर रहे हैं।

Previous Post
Next Post

0 coment�rios: