शनिवार, 28 मार्च 2020

sachi bate image जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते

sachi bate image जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते 

[1]
sachi bate image सच्ची बाते
हसरतो को जिंदगी का नाम दे दिया,
कमबख्त एक रोज पूरी तो होगी।

[2]
भीड़ के साथ गलत दिशा में चलने की तुलना में,
अकेले चलना ही बेहतर है।

[3]
जब वक्त करवट लेता है न दोस्तों,
तब जिंदगियाँ पलट जाती है।

[4]
जीवन से बचकर आप शांति नहीं पा सकते।

[5]
भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है,
और दुसरो पर रखो तो कमजोरी बन जाती है।

[6]
झुको वहां जहाँ किसी के दिल में,
 आपको झुकाने की जिद ना हो।

[7]
जिंदगी में कई  ऐसे लोग भी मिलते है,
जिन्हें हम पा नहीं सकते शिर्फ़ चाह सकते है।

[8]
जीवन आनद लेने के लिए है, सहने के लिए नहीं।

[9]
किस्मत और लड़की धोखे भले ही देती है,
लेकिन जब साथ देती है तो जिंदगी बदल जाती है।

[10]
कल एक इंसान रोटी मगकर ले गया और करोडो कि दुआए दे गया,
पता ही नहीं चला की गरीब वो था या मै।

[11]
हर गुनाह ''कबूल'' है ''हमें'' 
बस ''शर्त'' ये है कि
 सजा देने वाला ''बेकसूर'' हो।

[12]
sachi bate image

रोटियाँ उन्ही की थालियों से कूड़े तक जाती है,
जिन्हें एह्साह ही नहीं होता की भूख क्या है।

[13]
बदनामी का डर तो उसे होता है,
जिसमे नाम कमाने की हिम्मत नहीं होती।

[14]
मुस्कुराना हर किसी के बस की बात नहीं है,
मुस्कुरा वो ही सकता है जो दिल का अमीर हो।

[15]
बदल जाती है जिंदगी की सच्चाई उस वक्त ,
जब कोई तुम्हारा, तुम्हारे सामने,तुम्हारा नहीं रहता।

[16]
जिंदगी भर नए दोस्त बनाते रहो। 

[17]
गरीब की Hi किसी को नहीं चाहिए,
 और अमीर की Hi सबको पसंद है।

[18]
खुदा करे हर किसी को कोई एसा अपना मिले,
जो उसे कभी किसी भी हाल में रोने ना दे।

[19]
मुझे तलाश है उन रास्तो की जहाँ से कोई गुजरा न हो,
सुना है वीरानो ने अक्सर जिंदगी मिल जाती है।

[20]
सुना है मौत एक पल की भी मोहलत नहीं देती,
मै अचानक मर जाऊ तो मुझे माफ़ कर देना।

[21]
कोई भी इंसान उसी ब्यक्ति की बाते चुपचाप सुनता है,
जिसे खो देने का डर उसे सबसे ज्यादा होता है।

[22]
चलने को तो एक पाँव से भी चल रहे है लोग,
पर दूसरा भी साथ दे तो और अच्छी बात है। 

[23]
मजाक किसी की जिंदगी में हो तो ही ठीक है,
किसी की जिंदगी से नहीं होना चाहिए।

[24]
अगर किसी चीज का गुरुर आने लगे तो,
 एक चक्कर कब्रिस्तान का लगा लिया करो,
वहां आपसे भी बेहतर इंसान मिट्टी के नीचे दफन है।

[25]
भरा है दिल इस तरह ख्वाहिशो से,
जरा सी जगह को तरसते है रिश्ते।

[26]
जहाँ कमरों में कैद हो जाती है जिंदगी,
लोग उसे शहर कहते है।

[27]
जिसमे याद ना आये वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बने वो खुदाई किस काम की,
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है,
पर जहाँ से अपने ना दिखाई दे वो ऊंचाई किस काम की।

[28]
मेहनत कर ली अपनी हैसियत थी जितनी,
अब बारी तकदीर की है हैसियत दिखने की।

[29]
जिंदगी अपने आप को ढूंढने का नाम नहीं है,
बल्कि जिंदगी अपने आपको बनाने का नाम है।

[30]
एक अर्थी बनाने वाले ने भी क्या बात कही है,
लोग मर रहे है इसलिए मेरा परिवार जिन्दा है।

[31]
उसी से बांध के बैठे है हम सारी उम्मीदे,
वो है जिंदगी जो किसी के साथ वफ़ा नहीं करती।

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