मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

sachi bate shayari सच्ची बाते जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते शायरी

sachi bate shayari सच्ची बाते जिंदगी की कुछ सच्ची और अच्छी बाते शायरी 

[1]
sachi bate shayari

इस जहाँ में कब किसी का दर्द अपनाते है लोग,
रुख हवा का देख कर अक्सर बदल जाते है लोग।

[2]
किसी को मकान किसी के हिस्से में दुकान आई, 
घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई।

[3]
दोस्ती और दुश्मनी मजेदार है,
 बस निभाने का दम होना चाहिए।

[4]
कौन कहता है की छेद आसमा में हो नहीं सकता,
इक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।

[5]
दिल में  अरमान बहुत है सजाऊं कैसे, तेरी याद बहुत आये, भुलाऊँ कैसे।

[6]
रास्ते को भी दे दोष और आंखे भी कल लाल,
 चप्पल में जो कील है, पहले उसे निकाल।

[7]
सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का मै 
इक कतरा हु तन्हा हो बह नहीं सकता।

[8]
जनम मरण का साथ था जिनका, उन्हें भी हमसे बैर, 
वापिस ले चल बस तो हमें, हो गई जग से बैर।

[9]
मैंने कहा कभी सपनो में भी शक्ल न मुझको दिखाई, 
उसने कहा, मुझ बिन भला तुझको नींद ही कैसे आई।

[10]
उसको रुखसद तो किया था, मुझे मालूम न था,
 सारा घर ले गया, छोड़ के जाने वाला।

[11]
सर पर चढ़ कर बोल रहे है,
 पौधे जैसे लोग पेड़ बने खामोश खड़े है कैसे कैसे लोग।

[12]
कौन कहता है की अल्फाज बेजुबान होते है, 
चुभ जाए गर तो उम्र भर दर्द देते है।

[13]
नमक की तरह हो गई है जिन्दगी, 
लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते है।

[14]
यहाँ मजबूत से मजबूत लोहा टूट जाता है, 
कई झूठे इकट्ठे हो तो सच्चा टूट जाता है।

[15]
चेहरे अजनबी हो भी जाए तो कोई बात नहीं, 
रवैये अजनबी हो जाए तो बड़ी तकलीफ देते है।

[16]
कोई इसके साथ है, कोई उसके साथ है,
 देखना ये है, मैदान किसके साथ है।

[17]
मेहेरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक्त 
मै गया वक्त नहीं कि फिर आ भी ना सकू।

[18]
ख़त पे ख़त हमने भेजे पर जवाब आता नहीं, 
कौन सी एसी खता हुयी मुझको याद आता नहीं।

[19]
फिर उड़ गई नींद ये सोच कर कि 
 सरहद पर बहा वो खून मेरी नींद के लिए था। 

[20]
इश्क़ कर लीजिये बहोत इन किताबों से एक यही है 
जो अपनी बातों से पलटा नहीं करती है। 

[21]
आप जिसपर आंख बंद करके भरोसा करते है 
अक्सर वही आप कि आंखे खोल जाता है !

[22]
कभी कभी जिंदगी इस कदर तन्हा बना देती है कि हमे जिंदगी से 
प्यारी मौत लगने लगती है। 

[23]
फिर से मुझे मिट्टी मे खेलने दे ए जिंदगी 
ये साफ सुथरी जिंदगी उस मिट्टी से ज्यादा साफ गंदी है। 

[24]
गलत लोग सभी के जीवन मे आते है लेकिन सीख हमेशा सही देकर जाते है। 

[25]
मै किसी से बेहतर करू, क्या फर्क पड़ता है!
मै किसी का बेहतर करू बहुत फर्क पड़ता है। 

[26]
दिलो मे खोट है और जुबा से प्यार करते है,
बहुत से लोग दुनिया मे यही व्यापार करते है। 

[27]
कोई हालात नहीं समझता तो कोई जज़्बात नहीं समझता,
ये अपनी अपनी समझ कि बात है कोई कोरा कागज भी पढ़ लेता है तो कोई 
पूरा किताब नहीं समझता। 

[28]
जीवन का सबसे बड़ा उपयोग 
इसे किसी एसे चीज मे लगाने मे है जो इसके बाद भी रहे। 

[29]
थोड़ी सजा उन्हे भी दे देती ये जिंदगी 
जिनकी वजह से गरीब लोग सड्को पर सोते है।

[30]
जिंदगी मे ब्रांडेड चीजे ही इस्तेमाल करने वाले 
एक बात याद रखना कि कफन का कोई ब्रांड नहीं होता।

[31]
'' sachi bate shayari ''
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करीब इतना रहो कि रिश्तो में प्यार रहे, दूर भी इतना रहो कि आने का इन्तजार रहे, 
रखो उम्मीद रिश्तो के दरमियान इतनी, कि टूट जाए उम्मीद मगर रिश्ते बरक़रार रहे।

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