About me


Hii friends 

My name is dheerendra this is about me page मेरा अपने हर एक पोस्ट के पीछे सबसे बड़ा motive होता है अपने रीडर्स को कुछ important content provide करना। 

लोगों की मदद करने के लिए. Internet किसी के लिए कितना उपयोगी हो सकता है इस बात को समझना कठिन नहीं है। 

पर दुःख की बात है कि हमारी राष्ट्र भाषा हिंदी में Internet पर ना के बराबर content उपलब्ध हैं. इसीलिए मैंने इसे  sachibate.net को हिंदी में बनाया है। 

हिंदी सच्ची बाते  में आपका स्वागत है यह  sachi bate   हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी होते है। यहाँ दिए गए status को आप share कर सकते है। यह sachi-bate  आपको एक लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगे।

आजकल WhatsApp का उपयोग हर कोई करता है। whatsapp पर तरह-तरह के status लगाने का trends है और लोग अपने पसंद के हिसाब से whatsapp status का इस्तेमाल करते हैं अपने मन की भावनाओ को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

हर खास मौके पर celibrate करने के लिए भी लोग whatsapp status का इस्तेमाल करते हैं। status लोगो के बीच मे एक ऐसा जरिया बन गया है जिसके माध्यम से लोग अपने सोच एवं विचारों को लोगो के सामने व्यक्त करने लगे हैं।
'' सच्ची बाते ''

[1]
झूठ बोलते थे कितना फिर भी सच्चे थे हम,
ये उन दिनो की बात है जब बच्चे थे हम।

[2]
चेहरे पर सुकून तो बस दिखाने भर का है,
वरना बेचैन तो हर शक्स जमाने भर का है।

[3]
पत्थर तो लोग इसलिए पूजते है जनाब,
क्योंकि विश्वाश के लायक इंसान नहीं मिलता।

[4]
जब आपको कोई अपना कहने वाला मिल जाता है,
तब दुनिया और भी खूबसूरत हो जाती है।

[5]
इंसान की समझ शिर्फ इतनी है की उसे जानवर कहो तो नाराज हो जाता है 
और शेर कहो तो खुश हो जाता है।

[6]
साथ चलता है दुआओ का काफिला 
किस्मत से जरा कह दो की कभी तन्हा नहीं हु मै।

[7]
हर सुबह की धूप कुछ याद दिलाती है, हर फूल की खुशबू एक जादू जगाती है,
चाहु ना, चाहूँ कितना भी यार सुबह सुबह आपकी याद आ ही जाती है।

[8]
लहरों का सुकून तो सभी को पसंद है,
लेकिन तूफानो मे कश्ती निकालने का मजा ही कुछ और है।

[9]
हर गम ने, हर सितम ने,नया होसला दिया, 
मुझको मिटाने वालों ने मुझको बना दिया।

 [10]
हल्की फुल्की सी है 
जिंदगी बोझ तो ख्वाहिशों का है।

[11]
जंजीर कट गई मगर आजाद नहीं इंसान अभी तक
दुनिया भर की खुशी कैद है चाँदी जड़े मकानो मे।

[12]
ना जाने वो बच्चा किससे खेलता होगा 
वो जो मेले मे दिन भर खिलौना बेचता है।

[13]
अंजान अपने आप से वह शक्स रह गया 
जिसने उम्र गुजार दी औरों की फिक्र मे।